सैलरी शीट कैसे बनाएँ?
- अपने कर्मचारी जोड़ें, उनके मासिक वेतन या दैनिक मज़दूरी के साथ। हाज़िरी शीट में पहले से जोड़े हों तो वे यहाँ भी हैं: बस पेंसिल बटन से उनका वेतन डालें।
- महीना चुनें। हाज़िरी लगाई हो तो हर व्यक्ति के दिन वहीं से आते हैं। नहीं तो मासिक वेतन वालों को पूरा महीना मिलता है, और दैनिक मज़दूरी वालों के दिन लिखने होते हैं।
- मासिक वेतन किससे भाग हो, चुनें: महीने के दिन, 30, या 26 काम के दिन।
- हर व्यक्ति का बोनस या ओवरटाइम, एडवांस और दूसरी कटौती डालें। नेट वेतन टाइप करते ही बदलता है।
- वेतन देने पर "दे दिया" चुनें, फिर सैलरी शीट डाउनलोड करें। प्रिंट पर कर्मचारी अपने नाम के आगे हस्ताक्षर करते हैं।
- सैलरी स्लिप: हर व्यक्ति की PDF स्लिप बनाएँ, या जानकारी WhatsApp पर भेजें।
महीने का वेतन कैसे निकलता है?
| वेतन का प्रकार | कमाया वेतन |
|---|---|
| मासिक वेतन | मासिक वेतन × वेतन वाले दिन ÷ आधार के दिन (एक महीने के वेतन से ज़्यादा नहीं) |
| दैनिक मज़दूरी | दैनिक मज़दूरी × काम के दिन |
नेट वेतन = कमाया + बोनस/ओवरटाइम − एडवांस − दूसरी कटौती
हाज़िरी शीट से वेतन वाले दिन: हाज़िर + सवेतन छुट्टी + साप्ताहिक छुट्टी + आधे दिन ÷ 2। 26 काम के दिन वाले आधार में और दैनिक मज़दूरी वालों के लिए साप्ताहिक छुट्टी नहीं गिनी जाती।
उदाहरण
सुरेश का मासिक वेतन ₹15,000 है। सितंबर (30 दिन) में उसके 27 वेतन वाले दिन हैं, उसने ₹2,000 एडवांस लिया और ₹600 का ओवरटाइम किया।
- कमाया: ₹15,000 × 27 ÷ 30 = ₹13,500
- नेट वेतन: ₹13,500 + ₹600 − ₹2,000 = ₹12,100
26 दिन के आधार पर एक दिन का वेतन ₹500 की जगह ₹15,000 ÷ 26 = ₹577 होता है, यानी हर छुट्टी का वेतन ज़्यादा कटता है।
अच्छी आदतें और नियम
- समय पर वेतन: लेबर कोड के अनुसार मासिक वेतन आम तौर पर अगले महीने की 7 तारीख तक देना होता है।
- न्यूनतम मज़दूरी: देखें कि आपके काम का वेतन आपके राज्य की तय न्यूनतम मज़दूरी से कम न हो।
- कटौती की सीमा: महीने की कुल कटौती (एडवांस की वसूली समेत) वेतन के 50% से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए।
- रिकॉर्ड रखें: हस्ताक्षर वाली सैलरी शीट और स्लिप आपको और कर्मचारी दोनों को बचाती हैं, और स्लिप से कर्मचारी लोन या किराए के लिए आमदनी साबित कर पाता है।
यह टूल PF, ESI, प्रोफ़ेशनल टैक्स या TDS नहीं निकालता। ये आपके व्यापार पर लागू हों, तो अपने अकाउंटेंट की सलाह से "अन्य कटौती" में डालें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कौन-सा आधार चुनें: महीने के दिन, 30 या 26?
जो आपने कर्मचारियों से तय किया हो। "महीने के दिन" और "30 दिन" में साप्ताहिक छुट्टी वेतन वाले दिनों में गिनी जाती है। "26 काम के दिन" में साप्ताहिक छुट्टी नहीं गिनी जाती, जो एक साप्ताहिक छुट्टी वाली दुकानों और कारख़ानों में आम है।
क्या हाज़िरी से आए दिन बदल सकते हैं?
हाँ। दिन वाले बॉक्स में कोई भी संख्या लिखें, वही इस्तेमाल होगी। हाज़िरी वाली संख्या पर लौटने के लिए बॉक्स खाली करें।
महीने के बीच दिया एडवांस कैसे लिखें?
उस महीने के "एडवांस" में डालें। यह नेट वेतन से कटेगा और सैलरी स्लिप पर दिखेगा।
डेटा कहाँ सेव होता है?
सिर्फ़ इसी डिवाइस पर, हाज़िरी शीट के साथ। कुछ भी अपलोड नहीं होता। हर महीने बैकअप डाउनलोड करें।
क्या सैलरी स्लिप WhatsApp पर भेज सकते हैं?
हाँ। कर्मचारी सूची में उनका मोबाइल नंबर डालें। फिर स्लिप की जानकारी भेजने के लिए WhatsApp बटन दिखेगा, और "सैलरी स्लिप" से PDF बनती है जिसे आप भेज सकते हैं।