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लोन एलिजिबिलिटी कैलकुलेटर

चल रही EMI घटाकर, आपकी सैलरी पर कितना लोन मिल सकता है।

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ज़्यादातर बैंक 40–60% तक मानते हैं। अधिक आय पर आमतौर पर सीमा ज़्यादा होती है।

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आपको इतना लोन मिल सकता है

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नई EMI की अधिकतम सीमा
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लोन की रकम
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कुल ब्याज
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कुल भुगतान
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बैंक कैसे तय करते हैं कि मुझे कितना लोन मिलेगा?

लोन मंज़ूर करने से पहले बैंक देखता है कि आपकी मासिक आय का कितना हिस्सा पहले से EMI में जा रहा है और आप सुरक्षित रूप से और कितना भर सकते हैं। इस सीमा को FOIR (Fixed Obligation to Income Ratio) कहते हैं: आपकी मासिक शुद्ध आय का वह हिस्सा जो आपकी सारी EMI मिलाकर ले सकती हैं। ज़्यादातर बैंक 40–60% तक मानते हैं, और अधिक आय पर सीमा ज़्यादा होती है।

इस सीमा में से चल रही EMI घटाने के बाद जो बचता है, वही नई EMI की अधिकतम सीमा है। फिर लोन की रकम वह रकम है जिसे यह EMI बैंक की ब्याज दर पर आपकी चुनी हुई अवधि में चुका सके।

लोन एलिजिबिलिटी कैसे निकाली जाती है?

  1. नई EMI की अधिकतम सीमा = मासिक शुद्ध आय × FOIR − चल रही EMI
  2. लोन की रकम = EMI × (1 − (1 + r)−n) ÷ r

यहाँ:

  • r = मासिक ब्याज दर (सालाना दर ÷ 12 ÷ 100)
  • n = अवधि, महीनों में

दूसरा सूत्र सामान्य EMI सूत्र को उल्टा करके बनता है: लोन से EMI निकालने के बजाय यह EMI से लोन निकालता है।

उदाहरण: मेरी सैलरी पर कितना होम लोन मिलेगा?

50% FOIR, 8.5% ब्याज, 20 साल और कोई दूसरी EMI न होने पर:

मासिक शुद्ध आय अधिकतम EMI मिल सकने वाला लोन कुल ब्याज
₹30,000 ₹15,000 ₹17,28,463 ₹18,71,537
₹50,000 ₹25,000 ₹28,80,771 ₹31,19,229
₹75,000 ₹37,500 ₹43,21,156 ₹46,78,844
₹1,00,000 ₹50,000 ₹57,61,542 ₹62,38,458

चल रही EMI इसे सीधे घटाती हैं। ₹50,000 आय पर अगर ₹10,000 की कार लोन EMI चल रही है, तो नई EMI के लिए ₹15,000 बचते हैं, और होम लोन ₹28.8 लाख से घटकर ₹17.3 लाख रह जाता है।

अवधि और ब्याज दर से एलिजिबिलिटी कैसे बदलती है

₹25,000 की EMI पर:

अवधि (8.5% पर) मिल सकने वाला लोन
10 साल ₹20,16,362
15 साल ₹25,38,742
20 साल ₹28,80,771
25 साल ₹31,04,714
30 साल ₹32,51,341
ब्याज दर (20 साल) मिल सकने वाला लोन
8% ₹29,88,857
9% ₹27,78,624
10% ₹25,90,615
11% ₹24,22,038

लंबी अवधि से एलिजिबिलिटी बढ़ती है, लेकिन हर बार कम बढ़ती है, जबकि कुल ब्याज बढ़ता ही जाता है। बैंक उम्र के हिसाब से भी अवधि सीमित करते हैं, आमतौर पर इस तरह कि लोन रिटायरमेंट तक (नौकरीपेशा लोगों के लिए लगभग 60–65 साल) ख़त्म हो जाए।

ज़्यादा लोन पाने के टिप्स

  • छोटे लोन पहले बंद करें। टू-व्हीलर या कंज़्यूमर लोन चुका देने से उसकी पूरी EMI नए लोन के लिए खाली हो जाती है।
  • क्रेडिट कार्ड का बकाया चुकाएँ। बैंक कार्ड के बकाये का एक हिस्सा भी EMI की तरह गिनते हैं।
  • को-एप्लिकेंट जोड़ें। कमाने वाले पति/पत्नी या माता-पिता की आय जुड़ने से कुल EMI सीमा बढ़ जाती है।
  • क्रेडिट स्कोर अच्छा रखें। 750 से ऊपर के स्कोर पर बेहतर दर मिलती है, और कम दर पर उसी EMI में ज़्यादा लोन मिलता है।
  • डाउन पेमेंट याद रखें। होम लोन में बैंक लोन की रकम के हिसाब से प्रॉपर्टी की क़ीमत का 75–90% तक देते हैं; बाक़ी आपको ख़ुद भरना होता है।

यह कैलकुलेटर अनुमान देता है। बैंक की अंतिम रकम आपके क्रेडिट स्कोर, उम्र, नौकरी की स्थिरता, कंपनी और होम लोन में प्रॉपर्टी की क़ीमत पर भी निर्भर करती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

FOIR क्या है?

FOIR (Fixed Obligation to Income Ratio) आपकी मासिक शुद्ध आय का वह हिस्सा है जो बैंक आपकी सारी EMI को मिलाकर लेने देता है। ₹60,000 आय पर 50% FOIR हो, तो सारी EMI मिलाकर ₹30,000 तक हो सकती हैं।

ग्रॉस सैलरी डालें या हाथ में आने वाली सैलरी?

टैक्स, PF और दूसरी कटौतियों के बाद हाथ में आने वाली (नेट) मासिक सैलरी डालें। ज़्यादातर बैंक इसी से हिसाब लगाते हैं। अगर आप स्वरोज़गार करते हैं, तो इनकम टैक्स रिटर्न के हिसाब से अपनी औसत मासिक आय डालें।

चल रही EMI में कौन-से लोन गिने जाते हैं?

हर चालू लोन: होम, कार, टू-व्हीलर, पर्सनल, एजुकेशन, गोल्ड और कंज़्यूमर ड्यूरेबल लोन, और "नो कॉस्ट EMI" वाली ख़रीदारी भी। किराया, स्कूल फ़ीस और SIP जैसे मासिक ख़र्च EMI में नहीं गिने जाते, हालाँकि बैंक इनके बारे में पूछ सकता है।

क्या इसे पर्सनल लोन या कार लोन के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं?

हाँ। तरीक़ा वही है; बस उस लोन की ब्याज दर और अवधि डालें। उदाहरण के लिए, ₹40,000 आय और ₹5,000 की चल रही EMI पर, 50% FOIR के साथ 11% पर 5 साल का पर्सनल लोन लगभग ₹6.9 लाख तक मिल सकता है।

मेरी डाली हुई जानकारी कहीं सेव होती है?

नहीं। पूरा हिसाब आपके ब्राउज़र में ही होता है। आपकी डाली हुई कोई भी जानकारी हमारे सर्वर पर नहीं भेजी जाती और न ही सेव की जाती है।

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